Poetry, Poetry (English), SpeakYourHeart

The Old Road

The memories bring you back to my road

And I keep you there no more

But I  wave them hi with a blink of an eye

And let them walk with me to the shore

As they speak to me amid the noisy waves

the stories of the past they knew

I hear it all like a patient friend

And speak to them like I speak to few

Then I take them through my side of the story

For I believe they’ll  treat me kind and fair

You see I was right, we are back as friends

To the same old road but without third share…

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Poetry, Poetry (Hindi), SpeakYourHeart
कुछ थे जो टिमटिमाते  उन  ख्वाबों को लेकर आगे बढ़ते  रहे
कुछ थे जो इंतज़ार करते थे पसंद और इंतज़ार करते रहे
फर्क नज़रिये का इतना है कि क्या कहें
कुछ सुनते गए अफसाने, कुछ सुनाते गये …

~प्रांजु दफ्तरी
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Poetry, Poetry (Hindi)

खोल दिये हैं  बेपरवाह होकर ज़हन के राज़ सारे..
हक फ़कत खुद को दिया  था जिनपर,
उन ज़ख्मो से परे है अब हाथ हमारे
चमकते उन सितारों को भी  इल्म नहीं
कि टूटके बिखरना है एक दिन
ना जाने क्यूँ आसमां से जोड़े फिर भी हमने ख्वाब सारे

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Poetry, Poetry (Hindi)

आयने से बेहतर पर आयने सा भोला ..

यूँ तो मिलते रहेंगे हमराह ता-उम्र
मगर दिलकश मिलते हैं जो
उनकी एक तस्वीर तो लूँ
तस्वीरें गुम हो जाती हैं कागज़ के टुकडों पर और
मोबाईल के परदों के पीछे ये नज़र नहीं आती
तो करूँ क्या
दिल में कोई आयना रख लूँ …
मगर छोटा सा दिल है मेरा
आयने का बोझ उठायेगा कैसे
टूट के बिखरा जो शीशा कभी तो
चुभन पे मरहम लगायेगा कैसे
दिल को मैने फिर
आयने से बेहतर बना दिया
छू कर गुज़रते जो भी इसे
उनकी तस्वीर छिपाना सीखा दिया
नाज़ होने लगा जैसे ही
दिल को हुनर पे अपने
उस दिलकश ने हटाया मुखौटा और
घुमान इसका मिट्टी में मिला दिया..

~प्रांजु

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Poetry, Poetry (Hindi)

तुम अनमोल हो ..

ना, आज तारीफों के पुल नहीं कोई 
पर लफ़ज़ो  में शायाद फिर भी छुपे जस्बात है 
दुआ का सागर शाम ढलते भेजा है 
क्यूंकि शाम के बाद नया सवेरा खास है 
उम्मीद एक ऐसा जज़्बा है 
जो हर सांस मे साज़ भरता है 
वो उम्मीद उजागर हो फिर तरो ताज़ा 
ऐसा एक नन्हा पैगाम भेजा है 
मिलेगा तुम्हे वो सब जिसके तुम हाकदार हो 
ज़िन्दगी लेती है इम्तहान 
और तुम अभी एक उम्मीदवार हो 
तुम्हारी कीमत को तुम्हे ही आंकना है 
दुनिया बाद मे समझेगी 
मुश्किलें ये एक ऐसी गुत्थी है 
जो सिर्फ तुमसे सुलझेगी 
दिल जो पाक है तुम्हारा 
उसपे अभिमान क्यूँ न हो 
आंका नही तुमने खुद को भले ही 
पर दिल से गर पुछोगे  हमारे 
तो जानोगे कि तुम हिम्मत हो हमारी 
और ये के तुम अनमोल हो 
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