Poetry, Poetry (Hindi)
मिले जो हर वक्त समझने वाला तुम्हे 
ये ज़रूरी तो नहीं 
कभी राह चलते कुछ रिश्ते यूँहि बन जाते हैं 
कुछ लबों पे मुस्कान तो कुछ दिल को छू जाते हैं 
ज़रूरी नहीं हर बार कोई हमराज़ मिले 
नहीं मिलते कई बार कुछ सुर 
के ज़रूरी नहीं हर बार कोई साज़ छिड़े 
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Poetry, Poetry (English)

She is no less than a son..

 

Indifferent Daddy had to melt down

All broke except his girl, with no hint of frown

without a help but his daughter beside

they won the fight, while he almost lost the sight ;

She was there throughout, standing tall and strong

brought back daddy to the right from wrong

“you are my daughter, no less than a son”

said daddy and the girl had won.

 

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Poetry, Poetry (Hindi)

पिता

बिन  मांगे दिया सब कुछ 
फिर भी खत्म कभी ज़रुरतें ना हुईं 
माँ की ममता को समझा सभी ने 
पिता के दिल की कभी बात ही ना हुईं 
 
पिता हैं वो आंसू बहा कैसे देते 
सख्त ना होते अगर 
तो अनुशासान क्या कभी सिखा वो पाते 
समझ नहीं थी तब ,उन्हे जान ना पाये 
वो भी छुपा जाते थे आंसु, प्यार कभी ज़ता ना पाये 
 
बच्चों से जुडे उनके भी सपने हैं 
टूटे जो नन्हे  ख्वाब कभी
वो दर्द भी पापा ने माने अपने हैं 
हैं वो तो हिम्मत बच्चों की है 
वो है तो ज़िन्दा उनके ख्वाब हैं 
हैं वो तो सिमटे हैं दर्द अभी 
वो हैं तो कांटे हैं दूर सभी 
 
जो किया उन्होने, कोई कर ना पायेगा 
प्यार उनसा कोई  कभी दे ना पायेगा 
जो सब कुछ लुटाकार भी 
तुम्हारी खुशियां ही मांगे 
ऐसा कोई कभी मिल ना पायेगा
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